मीरा रोड में डायबिटिक फुट क्लिनिक की शुरुआत, मधुमेह मरीजों के पैरों की देखभाल पर जोर
मीरा रोड में डायबिटिक फुट क्लिनिक शुरू, मधुमेह मरीजों के पैरों की जटिलताओं का होगा समय पर इलाज
मधुमेह से पीड़ित मरीजों में पैरों से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान और उपचार के उद्देश्य से वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मीरा रोड में विशेष डायबिटिक फुट क्लिनिक शुरू किया गया है। अस्पताल की इस नई पहल के तहत मधुमेह के मरीजों को एक ही स्थान पर जांच, विशेषज्ञों की सलाह और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित नहीं रहने पर नसों को नुकसान पहुंचने और पैरों में रक्तसंचार प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण पैरों की संवेदनशीलता कम हो सकती है और मामूली चोट, कट या छाला भी गंभीर घाव का रूप ले सकता है। कई मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने पर संक्रमण बढ़ने और गंभीर जटिलताओं की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शुरू किए गए डायबिटिक फुट क्लिनिक में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों को एक साथ जोड़ा गया है। इसमें जनरल सर्जरी, इंटरनल मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, प्लास्टिक सर्जरी और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञ मरीजों का मूल्यांकन और उपचार करेंगे।
अस्पताल के सेंटर हेड डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि मधुमेह से संबंधित पैरों की समस्या मरीज की दैनिक गतिविधियों, चलने-फिरने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। उनके अनुसार, शुरुआती स्तर पर समस्या की पहचान होने से कई जटिलताओं को नियंत्रित किया जा सकता है। क्लिनिक का उद्देश्य नियमित फुट असेसमेंट, समय पर उपचार और अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए मरीजों को व्यापक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

क्लिनिक की विशेषज्ञ टीम में डॉ. वासीम शेख, कंसल्टेंट जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन; डॉ. जिनेंद्र जैन, डॉ. अनिकेत मूळे और डॉ. विमलेश मिश्रा, कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन; डॉ. सैकत जेना, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन; डॉ. रोनक वी. शाह, कंसल्टेंट जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन और डॉ. अमृत दिवाकर राजे, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन शामिल हैं।
इसके अलावा, डायबिटिक फुट के मरीजों में पैरों के रक्तसंचार से जुड़ी समस्याओं के उपचार में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में डॉ. रवि मानेक, कंसल्टेंट इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, मरीजों को आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करेंगे। वहीं गंभीर घावों के उपचार और जरूरत पड़ने पर रिकंस्ट्रक्टिव प्रक्रिया के लिए डॉ. प्रताप नाडर, कंसल्टेंट प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एवं एस्थेटिक सर्जन की विशेषज्ञता उपलब्ध रहेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों को पैरों की नियमित जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। पैरों में कट, छाला, सूजन, लालिमा, त्वचा के रंग में बदलाव, सुन्नपन या असामान्य तापमान महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जल्द से जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
अस्पताल की ओर से मरीजों को ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के साथ-साथ पैरों की साफ-सफाई पर ध्यान देने, उचित आकार के जूते-चप्पल पहनने और किसी भी चोट या घाव का समय पर उपचार कराने की सलाह दी गई है।
वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मीरा रोड के अनुसार, डायबिटिक फुट क्लिनिक शुरू करने का उद्देश्य मरीजों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकने के बजाय एक समन्वित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। अस्पताल को उम्मीद है कि इस पहल से मधुमेह से जुड़े पैरों के संक्रमण और गंभीर जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उनके जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।

